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एक एहसांस

खुद को कुछ यु समेटा था किसी रोज़ किसी ने मेरी बहो में मए रोक न सका,जताया प्यार इतना के मई उसे प्यार करने से खुद को रोक न सका,ये मुहोब्बत थी या कुछ और पता नही,
बस एक एहसांस था जो आज भी मेरे दिल में कायम है